हरियाणा में पंचायत चुनाव को लेकर सरकार ने स्थिति साफ कर दी है।
हमें हाईकोर्ट के निर्णय का इंतजार है। हाईकोर्ट में अभी महिलाओं को 50 प्रतिशत और बीसी-ए वर्ग को 8 प्रतिशत आरक्षण देने का मसला लंबित है। सरकार की मंशा है कि नए संशोधनों का लाभ प्रदेश की जनता को मिले, इसलिए हम हाईकोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। 24 फरवरी को खत्म हो चुका कार्यकाल, अब बीडीपीओ के पास कमान हरियाणा में पंचायतों का कार्यकाल 24 फरवरी, 2021 को खत्म हो चुका है। नियमों के अनुसार कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव होने चाहिए थे, लेकिन कोरोना और अदालती पचड़े होने के कारण यह लंबित है। इस समय पंचायतों का कार्यभार संबंधित बीडीपीओ के पास है। इससे पहले भी चुनाव देरी से हुए थे। जुलाई 2015 में भी सरपंचों का कार्यकाल पूरा हो गया था। प्रदेश सरकार द्वारा शैक्षणिक योग्यता की शर्त लगाई गई थी, तो यह मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। ऐसे में छह माह देरी से जनवरी 2016 में चुनाव हुए थे। 24 फरवरी, 2016 को शपथ ग्रहण हुआ था। बता दें कि प्रदेश में 22 जिला परिषदों, 142 ब्लॉक समिति और 6205 ग्राम पंचायतों का चुनाव होना है।
ऐलनाबाद उपचुनाव में लड़ेगा गठबंधन का प्रत्याशी ऐलनाबाद चुनाव उप-चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर दुष्यंत ने कहा कि यह चुनाव आयोग तय करेगा कि चुनाव कब होगा।
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उन्होंने यह भी साफ किया कि यहां से गठबंधन का ही प्रत्याशी मैदान में उतारा जाएगा। मालूम हो कि ऐलनाबाद सीट से दुष्यंत के चाचा अभय सिंह ने किसानों के हितों को ध्यान में रख कर इस्तीफा दिया है। इस सीट पर उप-चुनाव होना है इसलिए प्रदेश की जनता की नजरें इस चुनाव पर टिकी हैं। साथ ही लोग यह भी जानना चाहते हैं कि यहां पर जजपा का प्रत्याशी लड़ेगा या फिर गठबंधन का।


sarkar ki mansa hi nhi h election krvane ki
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