आतंकवाद की परिभाषा

 आतंकवाद की कोई सर्वमान्य परिभाषा नहीं दी जा सकती है:- 


क्योंकि प्रायः एक देश के लिए जिन्हें आतंकवादी कहा जाता है , उन्हें दूसरे देश के लोग अपने स्वतंत्रता सेनानी के रूप में देखते हैं । हालाँकि सामान्य अर्थों में इसे हिंसा और आतंक पर आधारित विचारधारा के रूप में देखा जा सकता है , जिसका उद्देश्य हिंसात्मक साधनों के माध्यम से आम लोगों में भय का परिवेश निर्मित कर राज्य की नीतियों को प्रभावित करना होता है ।


 आतंकवाद एक विचारधारा है जो आतंक और हिंसा के प्रसार के जरिए एक राजनीतिक उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आम जनता का भयादोलन करती है । यह जनता में भय उत्पन्न करने के लिए जानबूझकर हिंसक साधनों के अपनाने पर जोर देती है । यह राजनीतिक उद्देश्य , वैचारिक , प्रजातीय , नृजातीय , धार्मिक अथवा राजनीतिक आधारों से प्रेरित हो सकता है । यह एक ऐसी आपराधिक गतिविधि है जो जानबूझकर आम नागरिकों के भौतिक अस्तित्व और उनकी संपत्ति को निशाना बनाती है जिससे भय और आतंक को समाज में मजबूती से फैलाया जा सके । यह सरकार और नागरिकों दोनों के खिलाफ है 1994 में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के उन्मूलन के लिए किए जाने वाले प्रयासों संबंधी उद्घोषणा में भी इसी प्रकार की परिभाषा दी गई है । इसके साथ - साथ वर्ष 2004 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 1566 में भी आतंकवाद की परिभाषा में उन्हीं तत्वों को शामिल किया गया है । भारत के पहले आतंकरोधी कानून टाडा में भी आतंकवाद को परिभाषित करते हुए इन्हीं तत्वों को शामिल किया गया है । इसमें कहा गया है कि जो कोई भी कानून द्वारा स्थापित सरकार को डराने की मंशा से अथवा जनता के किसी वर्ग में भय पैदा करने , सौहार्द खत्म करने , बम , डायनामाइट अथवा अन्य विस्फोटक सामग्री या ज्वलनशील सामग्री , घातक हथियारों या जहरीली गैसों और रसायनों का प्रयोग करके इस तरह से कोई कार्यवाही करता है जिससे जान और माल को नुकसान पहुंचे तो उसे आतंकी कृत्य के रूप में देखा जा सकता है ।

 आतंकवाद को चार मूल बिंदु के माध्यम से स्पष्ट किया जा सकता है 

पहला , आम जनता के खिलाफ सख्त कार्यवाही । 

दूसरा , आम जनता के भौतिक अस्तित्व को खतरा ।

 तीसरा , आम जनता की सुरक्षा को क्षति ।

 चौथा , राष्ट्र की परिसंपत्ति को क्षति पहुँचाना ।


 सर्वप्रथम आतंकवाद शब्द का प्रयोग 1931 में ब्रुसेल्स में आयोजित दंड विधान के तृतीय सम्मेलन में किया गया था । इसमें कहा गया कि जीवन , भौतिक अखण्डता , मानवीय स्वास्थ्य को हानि पहुँचाने वाला अथवा व्यापक स्तर पर धन सम्पत्ति को नुकसान करने वाला कार्य जिससे कि भय एवं आतंक का वातावरण उत्पन्न हो सके , आतंकवाद कहलाता है ।

चहक

SEND RIGHT INFORMATION HUMAN BEING.

1 Comments

Previous Post Next Post