अब प्राइवेट स्कूल भी आरटीआई के दायरे में आ गए हैं. इसके लिए राज्य सूचना आयोग (SIC) ने एक आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया कि प्राइवेट स्कूल (Private School) आरटीआई (RTI) के तहत मांगी गई सूचना देने से मना नहीं कर सकते. अगर स्कूल सूचना देने में आनाकानी करते हैं CHAHAK LAW & EDUतो मान्यता रद्द कर दी जायेगी एसआईसी (SIC ) द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए पत्र में लिखा है कि अगर कोई भी व्यक्ति या संस्था आरटीआई के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों के बारे में जानकारी मांगता है तो जिला शिक्षा विभाग को मांगी गई सूचना व जानकारी निजी स्कूलों से लेकर उपलब्ध करानी होगी.
जानकारी देने से कोई स्कूल मना करता है तो स्कूल को कारण बताओं नोटिस दिया जाए और मान्यता रद्द की जा सकती है. हालांकि कई स्कूलों नें इस नियम से बचने के लिए तर्क दिया है कि वे प्राइवेट संस्था हैं इसलिए सूचना देने के लिए बाध्य नहीं किए जा सकते लेकिन आम जान के लिए काफी फायदेमद होगा अब स्कूलों से RTI लेना .
उत्तर प्रदेश में भी सभी प्राइवेट स्कूल सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के दायरे में हैं. उन्हें अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी.
जुलाई में राज्य सूचना आयोग (ISC) ने यह आदेश दिया और राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी ने भी अपने आदेश में प्राइवेट स्कूलों में जन सूचना अधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा. अब पुरे राज्ये में यह नियम लागु होगा आप किसी भी प्रिवेट स्कूल से सूचना मांग सकते है अब प्रिवेट स्कूलों द्वारा की जाने वाली मनमानी और स्कूल के बच्चों के अड्मिशन की जानकारी आप मांगा सकते है और सभी की फीस का ब्यौरा भी और कितने टीचर है क्या उनकी एलिजिबिलिटी है सभी प्रकार की जानकारी आप RTI ACT से मांग सकते है
First of all, know about your rights and ask questions!
JAI HIND